हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। जिला निर्वाचन अधिकारी हरिद्वार ने अवगत कराया कि जनपद में सम्पन्न होने वाले अध्यक्ष जिला पंचायत के निर्वाचन से संबंधित समस्त उम्मीदवार तथा निर्वाचक (सदस्य जिला पंचायत) को निरक्षरता, अन्धता या अन्य अशक्ता के कारण निर्वाचन अधिकारी के समाधान के पश्चात निर्वाचक को मतदान में सहायता के लिए अपने साथ एक सहायक/साथी को ले जाने का प्रविधान है, जिसके अन्तर्गत राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पारित आदेशानुसार सहायक की मांग करने वाला निर्वाचक साक्षर या निरक्षर इस बात का सत्यापन उसके द्वारा दाखिल शपथ-पत्र से किया जायेगा, जिसमें यह स्पष्ट उल्लेखित होगा कि वह निर्वाचक व्यक्ति निरक्षर है और मतपत्र पर छपे नामों को पढ़ नही सकता है, तथा उसे गिनती/अंको का ज्ञान /बोध नही है, उक्त शपथ पत्र नोटरी से सत्यापित होना अनिवार्य होगा। यदि निर्वाचक अपनी अन्धता या अन्य अशक्तता के कारण सहायक की मांग करेगा तो उसे जनपद के मुख्य चिकित्साधिकारी का यह प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा कि वह अन्धता य अन्य अशक्तता से इस स्तर से ग्रसित है कि वह अपना मतदान करने में अक्षम है उसे अपनी अन्धता या अशक्तता का पुराना/नया विवरण भी उक्त प्रमाण पत्र के साथ संलग्न कर समस्त अभिलेखीय साक्ष्य जिलाधिकारी को प्रस्तुत करने होंगे। जिस पर जिलाधिकारी द्वारा अपना समाधान होने पर पुष्टि स्वरूप प्रति हस्ताक्षर किया जायेगा, साथ ही उसकी अन्धता या अन्य अशक्तता के संबंध मेे यह भी पुष्टि कर ली जाये कि क्या उस निर्वाचक व्यक्ति के द्वारा अपने जिला पंचायत के सदस्यय पद के निर्वाचन में मतदान करते समय भी अपनी अन्धता/अशक्तता के कारण किसी सहायक/साथी की मांग करके मतदान किया गया था। यदि किसी निर्वाचक को सहायक साथी दिया जाये तो उस विषय यह सुनिश्चित भी किया जाये कि वह 21 वर्ष से कम आयु का न हो। वह अराजनैतिक हो तथा उक्त निर्वाचन में खड़े प्रत्याशियों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रिश्तेदार न हो। सहायक/साथी निर्विवादित होना चाहिए और प्रश्नगत निर्वाचन में एक से अधिक निर्वाचक/सदस्य के साथी के रूप में कार्य करने के लिए अर्ह नही होगा। जिला पंचायत के अध्यक्ष के पदों के निर्वाचन में सम्बन्धित पंचायत के सदस्य(निर्वाचक) को अपनी, अन्धता या अन्य अशक्तता के कारण सहायक की मांग करने की दशा में जिला निर्वाचन अधिकारी/उप जिला निर्वाचन अधिकारी, के समक्ष प्रश्नगत निर्वाचन के मतदान प्रारम्भ (16.12.2019 पूर्वान्ह 0900 बजे ) होने  के 72 घंटे पूर्व उक्त शपथ पत्र/प्रमाण पत्र एवं अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। यदि सहायक की मांग मतदान प्रारम्भ होने के 72  घंटे पूर्व प्राप्त नही होती है तो किसी भी दशा में निर्वाचक को सहायक साथी स्वीकृत नही किया जायेगा, परन्तु आपात कालीन परिस्थति में जैसे अचानक दुर्घटना की स्थिति में निर्दिष्ट व्यवस्था के अनुरूप सहायक की मांग करने पर सहायक साथी अनुमन्य कराया जायेगा। निर्वाचक के सहायक को इस आशय-पत्र भी देना होगा कि वह इस निर्वाचन में केवल एक निर्वाचक के सहायक/साथी का कार्य कर रहा है और किसी अन्य निर्वाचक के सहायक/साथी का कार्य उस दिन न तो किया है न उस दिन करेगा। यदि किसी निर्वाचक द्वारा सहायक साथी मांग करने हेतु प्रस्तुत शपथ-पत्र/प्रमाण-पत्र अभिलेखीय साक्ष्य परीक्षण के समय  असत्य, कपटपूर्ण ंएव तथ्यों को छिपाना प्रथम दृष्टया  साबित हो तो ऐसे व्यक्ति/व्यक्तियों के विरूद्व भारतीय दण्ड संहिता के अन्तर्गत अपराधिक कृत्यों के लिए थानों मे प्राथमिकी (एफ0आइ0आर0) दर्ज कराई जायेगीं।
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