हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मौहम्मद आरिफ) हरिद्वार। हरिद्वार सिडकुल की स्थापना सरकार द्वारा दो दशक पहले की गई थी जिसमें हजारों की संख्या में फैक्ट्रियां स्थापित की गई, इन फैक्ट्रियों में स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहरी राज्यों के लोगों को भी भारी संख्या में रोजगार मिला, लेकिन फैक्ट्रीया स्थापित होने से अब तक मालिकों ने ठेकेदारी बेस पर ही मजदूर रखे। जिसमें सबसे ज्यादा नुकसान मजदूर तबके का हुआ है, जिसमें मजदूरों को सरकार द्वारा निर्धारित सुविधाएं और मजदूरी फैक्ट्री मालिक ने मुहैया नहीं कराई, जिससे लगातार फैक्ट्री मालिकों ने मजदूरों का जबरदस्त शोषण किया, मजदूरों ने भी कई बार अपनी आवाज बुलंद की, लेकिन फैक्ट्री मालिकों और प्रशासन में बैठे अधिकारियों की मिलीभगत के कारण मजदूरों की आवाज को दबा दिया गया, आज फैक्ट्री मालिकों की कूट नीतियों से मजदूरों ने शासन प्रशासन के विरुद्ध अपना आक्रोश जताया और जबरदस्त धरना प्रदर्शन किया, मजदूर गौरव और मनोज कुमार ने कहा कि सरकार मजदूरों के लिए बड़े-बड़े वादे तो करती है लेकिन कुछ भी देखने को नहीं मिलता है फैक्ट्री मालिक लगातार मजदूरों का शोषण कर रहे है लेकिन कोई भी अधिकारी कर्मचारी मजदूरों की आवाज सुनने को तैयार नहीं है जिस कारण मजदूरों के घर में रोटी के भी लाले हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि मजदूरी में मिलने वाले पैसे भी पूरे नहीं मिल पाते हैं फैक्ट्री का ठेकेदार कम पैसों पर ही भारी काम मजदूरों से करवाता है उन्होंने शासन प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा कि फैक्ट्रियों से ठेकेदारी खत्म होनी चाहिए जिससे मजदूरों को उसकी मेहनत का पैसा मिल सके और मजदूर भी अपने परिवार का  पालन पोषण सही तरीके से कर सके।
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