हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मनीष लखानी) हरिद्वार। ईमानदारी सर्वोत्तम नीति को चरितार्थ किया पदार्थां गांव की महिला ने कई बार रिचार्ज करते समय यदि गलती से किसी और के नम्बर पर हो जाये तो अधिकांश यही देखा जाता है कि फ्री का रिचार्ज पाने वाला ऐसे खुश होता है जैसे कि नपुंशक के यहाँ बच्चा पैदा हुवा हो। यदि उनसे वो पैसे वापस लेने हेतु कोई विनती करे तो वो ऐंठकर बात करते हैं। लेकिन कहते हैं कि अच्छे, परोपकारी ईमानदार लोग भले ही समाज मे कम हो मगर ईमानदारी अभी जिंदा है, अपनी पत्नी के मोबाइल में रिचार्ज कराते समय हरिद्वार की गूंज के पत्रकार गगन शर्मा का रिचार्ज गलत अंक डालने के कारण वो लक्सर रोड पर पदार्था गांव की निवासी इस्तिकार के घर के मोबाइल में हो गया। जब उनके नम्बर पर बात की तो उनके परिवार जनों ने बहुत ही तहजीब के साथ न सिर्फ बात की बल्कि गगन शर्मा के पैसे वापस करने को भी कहा। उसके बाद अगले दिन उन्होंने घर बुलाकर गगन शर्मा के 400 रुपये ससम्मान वापस किये। उनके परिवार वालो ने कहा कि हमारे लिये पराया धन हराम है। हम मेहनत से ईमानदारी की रोटी खाने में विश्वास करते हैं। कई बार किसी का खोया मोबाइल, पर्स, बैग, या कोई अन्य वस्तु किसी को मिलती है तो भले ही काफी लोग उसे वापस करना फिजूल समझते हैं मगर
कभी आप भी महसूस करके देखो कि किसी की खोई वस्तु वापस करके सामने वाले को खुश देखकर कितनी खुशी मिलती है। वो खुशी खरीदी नही जा सकती है।



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