हरिद्वार की गूंज (24*7)
(गगन शर्मा) हरिद्वार। जी हाँ, राम रोटी आश्रम की ओर से बाबू भाई और कालू भाई ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर अपनी विक्की मोपेड पर सब्जी वाली खिचड़ी बाँटते दिखाई दिए। पहले तो सामान्य बात लगी मगर कुछ देर बाद उनसे जानकारी ली तो पता चला कि पिछले 14 साल से उनके राम रोटी आश्रम द्वारा त्रिवेणी घाट पर भूखे लोगो की भूख मिटाने का प्रयास किया जा रहा है। मौसम चाहे सर्दी हो, गर्मी हो या फिर बरसात मोपेड विक्की और बिगोना यही रहता है इस पर आदमी भले ही बदलते रहते हैं, मगर भोजन कराने का क्रम जारी रहता है। गुजरात निवासी कालू भाई और बाबू भाई ने अपने गुजरात राज्य के बारे में भी बताया कि उनके राज्य में हिन्दू और मुस्लिम लोग मिलकर व्यापार, काम काज करते हैं। जिसके कारण वो प्यार से रहकर स्वयं और राज्य की उन्नति मे मग्न रहते हैं। यही वजह है जिसके कारण विभिन्न प्रकार की त्रासदियों को झेलने के बाद गुजरात फिर से उन्नति करने हेतु खड़ा हो जाता है। 2006 में बाढ़ आने की घटना का जिक्र करते हुवे उन्होंने बताया कि सूरत शहर की मदद करने उस समय अहमदाबाद से ट्रक भर भरके भोजन कपड़ा पीड़ितों में बांट दिया गया। यहां तक कि 14 फुट पानी आने के कारण जो गन्दगी हुई उसको भी लोगो ने किसी सरकारी विभाग के भरोसे रहने की अपेक्षा स्वयं श्रमदान करके बढिया बना दिया था। यही कारण है विकास और सुशासन के मामले में गुजरात, भारत के अन्य राज्यो के एक मिसाल है।



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