हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मौहम्मद आरिफ) हरिद्वार। पिरान कलियर में विश्व प्रसिद्ध दरगाह हजरत मखदूम अलाउद्दीन अली अहमद साबिर के 751 वें उर्स की तैयारियां जोरों शोरों से शुरू हो गई है उर्स में महज कुछ ही दिन बाकी हैं बता दे कि लाखों से ऊपर की संख्या में जायरीन अपनी मन्नतें लेकर साबिर ए पाक की दरगाह शरीफ पर आते हैं और चादर पोशी करके अपनी मन्नतें मांगते हैं यह दरगाह देश में ही नहीं विश्व में भी प्रसिद्ध है। आस्था रखने वाले लोगों का कहना है कि यहां पर लोग खाली हाथ आते हैं लेकिन अपनी झोलियां भर कर जाते हैं। वहां अकीदत मंद बाबा शेरअली, बलविंदर कुमार पंजाब पेंटर का कहना है कि साबिर ए पाक की दरगाह देश से लेेेकर विश्व के कौन-कौन में मशहूर है। क्योंकि साबिर ए पाक ने  गुल्लर की शाखा पकड़कर और 12 वर्षों गुल्लर खाकर अपना जीवन गुजारा था और यह मुकाम हासिल किया, उन्होंने बताया कि  उनके सब्र करने पर ही उनका नाम साबिर ए पाक पड़ा। साबिर ए पाक के वाक्य बड़ी-बड़ी किताबों में उनके इतिहास को बयां करते हैं।
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