हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मौहम्मद आरिफ) हरिद्वार। देश में पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार थमने का नाम नहीं ले रहा है लगातार पत्रकारों को जान से मारने की धमकी, गाली-गलौज से लेकर जान से भी मारे जाने की आम बात हो गई है, चौथा स्तंभ कहा जाने वाला पत्रकारिता का गला कभी दबंग लोगों द्वारा तो कभी प्रशासन के अधिकारी, कर्मचारीयो द्वारा घोटा जा रहा है। लगातार अप्रिय घटना पत्रकारों के साथ घटती रहती है लेकिन मोदी सरकार पत्रकारो की सुरक्षा के लिए कोई भी ठोस कदम नहीं उठा रही है, जिससे पत्रकारों का उत्पीड़न रोका जा सकें। लगातार एक के बाद एक पत्रकारों के साथ घटनाएंं घटी जा रही है लेकिन शासन-प्रशासन पत्रकारों के मामले में पूर्ण रूप से मौन बना हुआ है
कोई भी ठोस कदम पत्रकारों के लिए नहीं उठाया जा रहा है। सरकारों की सुरक्षा का कोई भी इंतजाम नहीं है रुड़की गंगनहर पुलिस द्वारा वरिष्ठ पत्रकार के साथ मारपीट का मामला हो, या जसवावाला चकबंदी पटवारी चमन लाल द्वारा की गई पत्रकारों साथ अभ्रदता, बस आलाधिकारी लाइन हाजिर या तबादला कर मामले को ठंडा कर देते हैं लेकिन मारपीट और अभद्रता करने वाले अधिकारी कर्मचारी पर कोई भी सख्त कार्रवाई या मुकदमा दर्ज नहीं किया जाता है। जिससे हठधर्मी दिखाने वाले सरकारी कर्मचारियों के हौसले बुलंद होते जा रहे है इसी क्रम में लक्सर कोतवाली क्षेत्र के डूंगरपुर गांव मामला सामने आया है जहां ग्राम प्रधान और उसकेे पुत्र व अन्य लोगों ने पत्रकार के साथ मारपीट और जातिसूचक शब्द कहे हैं मामला एसडीएम लक्सर की और से एक बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन का है जिसे कवरेज करने लक्सर के मीडिया कर्मी भी पहुंचे थे जब मीडिया कर्मी कवरेज करने लगे, तो ग्राम प्रधान व उसके दो पुत्रों और उनका एक अन्य साथी मीडिया कर्मियों के साथ मारपीट, गाली गलौज करने लगे, इसका विरोध मीडिया कर्मियों ने किया, तो उस पर एक पत्रकार बंधु को जातिसूचक शब्द कहे गए और कहा कि यहां से चले जाओ अगर मेरे क्षेत्र में कवरेज की, तो गोली मारकर मौत के घाट उतार दूंगा, मौके पर पहुंचे अधिकारी मूकदर्शक बने तमाशा देखते रहे, ग्रामीणों का भी आरोप है कि ग्राम प्रधान द्वारा उन्हें कोई मूलभूत सुविधा नहीं दी गई है इसकी शिकायत उन्होंने लक्सर एसडीएम पूरण सिंह राणा को भी की थी उसी क्रम में गांव में एक बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया था लेकिन इसमें एसडीएम लक्सर स्वयं नहीं पहुंचे और नायब तहसीलदार को भेजा गया, आरोप है कि नायब तहसीलदार भी ग्राम प्रधान का ही पक्ष करते हुए पत्रकारों के साथ अभ्रदता पर उतारू हो गये, अब सोचने वाली बात है कि अगर अधिकारी इसी तरह भ्रष्टाचारियों का पक्ष लेते रहे, तो आमजन को इंसाफ मिलना संभव नहीं है मीडिया कर्मियों ने इस प्रकरण की तहरीर लक्सर कोतवाली में दी है पुलिस ने तहरीर लेकर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पत्रकारों पर आए दिन हमले होना चिंता का विषय बना हुआ है जिससे पत्रकारों में शासन प्रशासन के विरुद्ध रोष पनप रहा है।


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