हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। गायत्री तीर्थ शांतिकुंज द्वारा चलाये जा रहे गृहे-गृहे यज्ञ व उपासना अभियान के अंतर्गत दो जून को देश भर के दो लाख चालीस हजार नये घरों (जहाँ पहली बार गायत्री यज्ञ होगा) में हवन का कार्यक्रम होगा। इस हेतु अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रमुख डॉ प्रणव पण्ड्या के मार्गदर्शन में पिछले दो माह से तैयारियाँ चल रही थीं। उत्तराखण्ड, बिहार, झारखण्ड, गुजरात, दिल्ली, छत्तीसगढ़, आंध्रप्रदेश, पंजाब सहित देश भर के गायत्री चेतना केन्द्र, जोनल कार्यालयों और गायत्री शक्तिपीठों में यज्ञाचार्यों का प्रशिक्षण क्रम चलाया गया। अभियान की जानकारी देते हुए अखिल विश्व गायत्री परिवार डॉ. प्रणव पण्ड्या ने बताया कि इन दिनों जनमानस में एक व्यापक वैचारिक परिवर्तन की आवश्यकता है। एक ऐसा परिवर्तन जो पहले व्यक्ति के अंदर को साफ करें, फिर अंदर से बाहर की ओर विस्तारित हो और वे समाज विकास के कार्यों में सच्चे मन से जुट सकें। उन्होंने कहा कि हवन के माध्यम से लोगों में ऐसे ही सद्विचारों को रोपा जायेगा। देश भर फैले गायत्री परिवार के कार्यकर्त्ता दो लाख चालीस हजार नये घरों में हवन करायेंगे। गृहे-गृहे यज्ञ व उपासना अभियान के समन्यवक श्री केदार प्रसाद दुबे ने बताया कि 29 वर्ष पूर्व 2 जून 1990 को गायत्री परिवार के जनक व वैचारिक क्रांति के प्रणेता पूज्य आचार्यश्री ने अपने आराध्यसत्ता में विलीन हुए थे। तब से हवन सहित अनेक रचनात्मक व सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से लोगों की सोच को सही दिशा में लाने के विशेष अभियान को गति दिया जा रहा है। उसी कड़ी में यह एक नया प्रयोग है। उन्होंने बताया कि शांतिकुंज की महिला मण्डल एवं उनके साथ विभिन्न साधना शिविरों में आई बहिनें तथा कार्यकर्त्ताओं भाइयों के साथ विभिन्न प्रशिक्षण सत्रों के भाइयों की दो-दो की संख्या में चार सौ टोलियाँ बनाई गयी हैं। ये टोलियाँ रायवाला से हरिद्वार के उत्तरी क्षेत्र से लेकर बीएचईएल, सुभाष नगर, रानीपुर मोड़, रावली महदूद, रोशनाबाद, शिवालिक नगर, शिवलोक, सहित विभिन्न क्षेत्रों के पाँच सौ घरों में जायेंगी। जहाँ एक साथ-एक समय प्रातः आठ बजे में अलग-अलग घरों में शांतिकुंज से पहुँची यज्ञाचार्यों की टीम गायत्री यज्ञ करायेगी। साथ ही नगरवासियों को गंगा के प्रति अपनी जिम्मेदारियों से अवगत करायेगी और उन्हें गंगा में कूड़ा कचरा नहीं डालने, शहर को स्वच्छ रखने जैसे कार्यों में सहयोग करने हेतु प्रेरित करेगी। इससे पूर्व शंतिकुंज कार्यकर्त्ताओं की संगोष्ठी में इस अभियान को गति देने के संकल्पित कराया गया। संगोष्ठी को वरिष्ठ कार्यकर्ता श्री वीरेश्वर उपाध्याय, श्री कालीचरण शर्मा आदि ने संबोधित किया। इस दौरान व्यवस्थापक श्री शिवप्रसाद मिश्र, डॉ. ओपी शर्मा, डॉ. बृजमोहन गौड़ सहित अंतेवासी कार्यकर्त्ता भाई-बहिन उपस्थित रहे।



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