हरिद्वार की गूंज (24*7)
(गगन शर्मा) हरिद्वार।
राष्ट्रीय राजमार्ग 58 पर सड़क के गड्ढे भरवाते समय उनके अधिकारी अतुल शर्मा से यातायात निरक्षक हितेश कुमार और इंस्पेक्टर रविकांत सेमवाल ने आग्रह किया कि अंदर शहर में कुछ जानलेवा गड्ढे हो रखे हैं। लगे हाथ उनको भी भरवा दो ताकि वहाँ से गुजरने वाहन चालकों और राहगीरों को असुविधा का सामना न करना पड़े। इस तरह की जनहित वाली विचारधारा यदि पुलिस के इन अफसरों के अलावा अन्यो में भी हो तो हमारा समाज बहुत उन्नति कर सकता है। ये तो फिर भी दोनो अलग अलग विभाग का मामला बनता हैं अक्सर बैंक जैसे काफी विभाग होते हैं जहां एक ही विभाग होने के बावजूद एक दूसरे पर काम को टाल कर खुद को फ्री रखना चाहते हैं। भले ही उससे उपभोक्ताओं, जनता या उनके स्वयं के विभाग का कितना ही नुकसान या नाम गन्दा क्यो न हो। जुलाई के महीने में हरिद्वार पुलिस कावड़ मेले में इस जोश के साथ सेवा देने में जुटी के चाहे चिकित्सा का मामला हो या सड़क पर स्वयं ही मिट्टी भरकर उसे सही करना हो, हरिद्वार पुलिस ने हर कार्य बढ़चढ़ कर किया। हरिद्वार पुलिस की उस मेहनत ने कावड़ियों का खूब दिल जीता था। उसी भावनाओ से पुनः एक बार फिर से हितेश कुमार और रविकांत सेमवाल ने वाहन चालकों की असुविधाओं को समझते हुवे सड़क के गड्ढे भरवाने का अतुल शर्मा से आग्रह किया। अतुल शर्मा ने भी उनकी महान सोच को देखते हुवे पुराने रानीपुर मोड़ ( टिबड़ी मोड़) और प्रेमनगर आश्रम चौक के पास जानलेवा गड्डो को भरवाया। यदि अन्य विभाग भी इसी प्रकार आपसी बेहतर तालमेल के साथ काम करे तो ही हमारा समाज बहुत ज्यादा उन्नति कर सकता है।
(गगन शर्मा) हरिद्वार।
राष्ट्रीय राजमार्ग 58 पर सड़क के गड्ढे भरवाते समय उनके अधिकारी अतुल शर्मा से यातायात निरक्षक हितेश कुमार और इंस्पेक्टर रविकांत सेमवाल ने आग्रह किया कि अंदर शहर में कुछ जानलेवा गड्ढे हो रखे हैं। लगे हाथ उनको भी भरवा दो ताकि वहाँ से गुजरने वाहन चालकों और राहगीरों को असुविधा का सामना न करना पड़े। इस तरह की जनहित वाली विचारधारा यदि पुलिस के इन अफसरों के अलावा अन्यो में भी हो तो हमारा समाज बहुत उन्नति कर सकता है। ये तो फिर भी दोनो अलग अलग विभाग का मामला बनता हैं अक्सर बैंक जैसे काफी विभाग होते हैं जहां एक ही विभाग होने के बावजूद एक दूसरे पर काम को टाल कर खुद को फ्री रखना चाहते हैं। भले ही उससे उपभोक्ताओं, जनता या उनके स्वयं के विभाग का कितना ही नुकसान या नाम गन्दा क्यो न हो। जुलाई के महीने में हरिद्वार पुलिस कावड़ मेले में इस जोश के साथ सेवा देने में जुटी के चाहे चिकित्सा का मामला हो या सड़क पर स्वयं ही मिट्टी भरकर उसे सही करना हो, हरिद्वार पुलिस ने हर कार्य बढ़चढ़ कर किया। हरिद्वार पुलिस की उस मेहनत ने कावड़ियों का खूब दिल जीता था। उसी भावनाओ से पुनः एक बार फिर से हितेश कुमार और रविकांत सेमवाल ने वाहन चालकों की असुविधाओं को समझते हुवे सड़क के गड्ढे भरवाने का अतुल शर्मा से आग्रह किया। अतुल शर्मा ने भी उनकी महान सोच को देखते हुवे पुराने रानीपुर मोड़ ( टिबड़ी मोड़) और प्रेमनगर आश्रम चौक के पास जानलेवा गड्डो को भरवाया। यदि अन्य विभाग भी इसी प्रकार आपसी बेहतर तालमेल के साथ काम करे तो ही हमारा समाज बहुत ज्यादा उन्नति कर सकता है।



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