हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मुकेश राणा) हरिद्वार। एक भेंट वार्ता में जिला अध्यक्ष राष्ट्रीय जन क्रान्ति पार्टी सचिन पिहवाल ने बताया कि बड़े अफसोस की बात है कि शासन प्रसाशन की किसी भी योजनाओं के लाभ से सदैव अनछुये रहने वाले गरीब बेघर लोगों की जिंदगी के बारे में कोई भी गंभीरता पूर्वक नहीं सोचता लाभ सदैव बड़े तपके को व दुख तथा परेशानी गरीबों को नशीब होती है अभी हाल ही में जहरीली शराब का मामला सियासत में चर्चा का विषय बन गया लेकिन जितनी जानें गईं वे गरीब तपके के ही हैं, इंसानो के जीवन से खिलवाड़ करने वाले अवैध शराब के व्यापारी अपना कारोबार बिना प्रशासन की मिली भगत के अनवरत करते रहे यह बात हजम नहीं होती, क्यों खनन हो या शराब, देहव्यापार हो या स्मैक का धन्धा कोई भी अपराधिक कार्य चुस्त दुरूस्त कर्तव्यनिष्ठा की मिशाल पुलिस के सामने होता रहे यह असंम्भव है, साथ ही बड़ी बड़ी बातें करने बाले व झूठे वादों से वोट लेने वालो को सोचना चाहिए कि गरीब जनता भी इसी देश इसी शहर का हिस्सा है आज तक मलीन बस्तियों में जीत के बाद कोई भी नेता मलीन बस्तियों में नहीं गया क्यों कि विकास तो सिर्फ बड़े लोगों की आवश्यकता है वेचारे गरीब तो आभाव ग्रस्त जीवन जीने के आदी हो चुके हैं, फुट पाथ ही उनका घर होता है फटे कपड़ो में नौनिहाल बच्चों के अन्धकारमय भविष्य की मजबूरियों के साथ सिसकती जिंदगी को देखने मात्र की कल्पना हमारे नेताओं की सोच से परे है, श्री पिहवाल ने कहा कि एकजुट होकर अब हमें अपने अधिकारों की लड़ाई भूखे भेड़ियों से स्वयं लड़ना होगी।
(मुकेश राणा) हरिद्वार। एक भेंट वार्ता में जिला अध्यक्ष राष्ट्रीय जन क्रान्ति पार्टी सचिन पिहवाल ने बताया कि बड़े अफसोस की बात है कि शासन प्रसाशन की किसी भी योजनाओं के लाभ से सदैव अनछुये रहने वाले गरीब बेघर लोगों की जिंदगी के बारे में कोई भी गंभीरता पूर्वक नहीं सोचता लाभ सदैव बड़े तपके को व दुख तथा परेशानी गरीबों को नशीब होती है अभी हाल ही में जहरीली शराब का मामला सियासत में चर्चा का विषय बन गया लेकिन जितनी जानें गईं वे गरीब तपके के ही हैं, इंसानो के जीवन से खिलवाड़ करने वाले अवैध शराब के व्यापारी अपना कारोबार बिना प्रशासन की मिली भगत के अनवरत करते रहे यह बात हजम नहीं होती, क्यों खनन हो या शराब, देहव्यापार हो या स्मैक का धन्धा कोई भी अपराधिक कार्य चुस्त दुरूस्त कर्तव्यनिष्ठा की मिशाल पुलिस के सामने होता रहे यह असंम्भव है, साथ ही बड़ी बड़ी बातें करने बाले व झूठे वादों से वोट लेने वालो को सोचना चाहिए कि गरीब जनता भी इसी देश इसी शहर का हिस्सा है आज तक मलीन बस्तियों में जीत के बाद कोई भी नेता मलीन बस्तियों में नहीं गया क्यों कि विकास तो सिर्फ बड़े लोगों की आवश्यकता है वेचारे गरीब तो आभाव ग्रस्त जीवन जीने के आदी हो चुके हैं, फुट पाथ ही उनका घर होता है फटे कपड़ो में नौनिहाल बच्चों के अन्धकारमय भविष्य की मजबूरियों के साथ सिसकती जिंदगी को देखने मात्र की कल्पना हमारे नेताओं की सोच से परे है, श्री पिहवाल ने कहा कि एकजुट होकर अब हमें अपने अधिकारों की लड़ाई भूखे भेड़ियों से स्वयं लड़ना होगी।



Post A Comment:
0 comments so far,add yours