हरिद्वार की गूंज (24*7)
(अब्दुल सत्तार) हरिद्वार। दिनांक 16 फरवरी 2019 को लावारिस बालक आवेश पुत्र मुहम्मद इकबाल को जिसे बिजनौर पुलिस द्वारा दिनांक 15 फरवरी 2019 को बिजनौर बाल कल्याण समिति के आदेशानुसार हरिद्वार बाल कल्याण समिति स्थानांतरण पर लाया गया था। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट जनपद हरिद्वार द्वारा डी०सी०पी०ओ० की मदद से बालक को विश्वास में लेते हुए काउंसलिंग की गई तो बालक ने अपना पता बडी मस्जिद के निकट ज्वालापुर बताया ज्वालापुर जाने पर पुलिसकर्मियों द्वारा काफी प्रयासो के उपरान्त सोनिया बस्ती में बालक की बुआ हनीफा मिली जिसने बालक आवेश को देखकर पहचान लिया। बालक की बुआ हनीफा से बालक के पिता मुहम्मद इकबाल का मोबाइल नंबर लिया,जिससे बात करने पर मालूम हुआ, कि वह अपनी पत्नी सरीना के साथ कोतवाली लक्सर में अपने बालक आवेश की गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए पहुंचा हुआ है, मुहम्मद इकबाल को उसके बालक आवेश के मिलने की सूचना दी और बालक को अपनी सुपुर्दगी में लेने हेतु बुलवाया गया, मुहम्मद इकबाल व उसकी पत्नी सरीना ने बालक आवेश को देखकर पहचान लिया मुहम्मद इकबाल ने बताया कि मे ग्राम नेहन्दपुर पोस्ट ऑफिस सुल्तानपुर हरिद्वार का निवासी हूँ, तथा हरिद्वार में रिक्शा चलाने का काम करता हूँ, मेरा बालक चार-पांच दिन पहले अपनी बुआ से मिलने के लिए घर से भाग गया था। तब से हम इसे अपने रिश्तेदारों व अन्य स्थानों में तलाश कर रहे थे। इस संबंध में जब बालक से पूछा गया तो बालक आवेश ने बताया कि वह अपनी बुआ हनीफा से मिलने के लिए लक्सर से ट्रेन में बैठा था, और वो ट्रेन बिजनौर चली गई थी। बालक आवेश को पाकर परिजन काफी खुश थे ।तथा पुलिस के इस कार्य की काफी प्रशंसा कर रहे थे।
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