हरिद्वार की गूंज
(रजत चौहान) हरिद्वारदेव संस्कृति विश्वविद्यालय के समितिकक्ष में स्वच्छ भारत अभियान विषयपर एक दिवसीय कार्यशाला काआयोजन हुआ। कार्यशाला काशुभारंभ देसंविवि के कुलाधिपतिश्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या, इंडियावाटर वर्क एसोशिएन (आईडब्ल्यूडब्ल्यूए) के पूर्वमहासचिव श्री कोमल प्रसाद, राज्ययोजना आयोग के सलाहकार श्रीएच.पी. उनियाल, नमामि गंगेप्रोजेक्ट के श्री केके रस्तोगी आदि नेदीप प्रज्जवन कर किया, इसमें जलप्रबंधन, व्यवस्थापन की समस्या एवंचुनौती जैसे विषय पर विशेषज्ञों नेअपने, अपने विचार रखे, कार्यशाला के प्रथम में सैद्धांतिक पक्ष तथा शेषदो सत्र में तकनीकी विषय परविचार-विमर्श हुआ, इस अवसर परकार्यशाला के प्रथम सत्र के मुख्यअतिथि देसंविवि के कुलाधिपतिश्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या ने कहा किवर्तमान समस्याओं में जल संकटएक बड़ी समस्या है, इसका समाधानके लिए प्रबंधन एवं भण्डारण ही एकमात्र उपाय है, अखिल विश्व गायत्रीपरिवार इस क्षेत्र में भी एक विशेषअभियान चला रहा है, इसके तहतदेश भर में जलस्रोतों के पुनर्जीवनएवं सफाई अभियान के लिएउल्लेखनीय कार्य किये जा रहे हैं, उन्होंने कहा कि 2525 किमी कीदूरी तय करने वाले पतित पावनी माँगंगे को अविरल  स्वच्छ बनायेरखने हेतु चरणबद्ध तरीके से कार्यकिये जा रहे हैं, इसमें गायत्री परिवारके कई लाख स्वयंसेवक जुटे हैं, भगीरथ के दोनों तटों को हरी चुनरचढ़ाने के लिए वृहत स्तर परवृक्षारोपण भी किया जा रहा है, उन्होंने कहा कि शांतिकुंज  स्थानीयपरिजनों के सहयोग से नेपाल कीगंगा माने जाने वाली बाग्मति नदी कापुनर्जीवन किया जा चुका है, अबबाग्मति नदी कलकल छल छल केसाथ अविरल बह रही है, इसअभियान के लिए गायत्री परिवार कोअंतर्राष्ट्रीय सम्मान भी मिला है, इससे पूर्वआईडब्ल्यूडब्ल्यूए के पूर्व महासचिवश्री कोमल प्रसाद ने उत्तराखण्डराज्य में पानी की समस्या एवंसमाधान पर अपने रिसर्च प्रस्तुतकिये, साथ ही उन्होंने जिले वारपानी उपलब्धता पर पांवर प्वाइंटद्वारा चेताया कि अब नहीं सुधरे तोपानी की समस्या और बढ़ सकती है। देसंविवि केप्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण में हमारे कर्त्तव्य एवं दायित्व विषय पर बोलते हुए वैश्विक स्तर पर बढ़ रही समस्याओं की ओर इंगित किया और कहा कि इसका समाधान के लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करना होगा, तभी हम सुंदर भविष्य की कल्पना कर सकते हैं।नमामि गंगेप्रोजेक्ट के श्री केके रस्तोगी, राज्ययोजना आयोग सलाहकार श्रीएच.पी. उनियाल, इंजी. वाई.के. मिश्रा, डॉ. दीपक खरे, आदि ने जलसंरक्षण, भण्डारण पर अपने-अपनेविचार रखे, कार्यक्रम समापनअवसर पर जल निगम उत्तराखण्डके चीफ इंजीनियर श्री वीसी पुरोहितने अतिथियों का आभार प्रकटकिया, इस दौरान देसंविवि केकुलपति श्री शरद पारधी, प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या, कुलसचिव श्री संदीप कुमार सहितविवि परिवार उपस्थित रहे।

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