हरिद्वार की गूंज (24*7)

(इमरान देशभक्त) रुड़की। पूर्व सांसद एवं उत्तराखंड के दलित नेता हरपाल सिंह साथी ने कहा कि बाबू जगजीवन राम ने देश में ही नहीं बल्कि विश्व में दलितों के उत्थान तथा दलितों को पहचान दिलाने के लिए अपने जीवन को समर्पित कर दिया था। हरपाल साथी ने बाबू जगजीवन राम की 114 वें जन्मदिन के अवसर पर  संत रविदास घाट स्थित आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबू जगजीवन राम ऐसे नेता थे, जिन्होंने दलितों के साथ-साथ अन्य पिछड़ा वर्गों, अल्पसंख्यकों तथा कमजोर तबके के लोगों को हमेशा सहारा दिया और उनकी आवाज को बुलंद किया। उन्होंने देश के सर्वोच्च पद उप-प्रधानमंत्री, रक्षा, कृषि, रेलवे, श्रमिक, पर्यावरण तथा अन्य महत्वपूर्ण पदों पर रहकर लगभग पचास वर्षों तक देश की जो सेवा की,जिसको भुलाया नहीं जा सकता। बाबू जगजीवन राम को उन्होंने एक स्वतंत्र संग्राम सेनानी बताते हुए कहा कि उन्होंने गांधी जी के साथ मिलकर अंग्रेजों के अत्याचार के खिलाफ अनेक आंदोलनों भाग भी लिया। साथ ही यह भी कहा कि भारत के रक्षा मंत्री के कार्यकाल में भारत-पाक युद्ध में 90 हजार पाक सैनिकों को बंधक बनाकर भारत की जेलों में रखा जाना भी उनकी बड़ी उपलब्धि रही जिसे सदियों तक भुलाया नहीं जाएगा। पूर्व सांसद हरपाल सिंह साथी ने मांग की बाबू जगजीवन राम को भारत रत्न से सम्मानित किया जाए तथा उनके नाम पर संसद भवन में एक विशेष कक्ष की स्थापना की जाए तथा संसद की लाइब्रेरी का नाम बाबू जगजीवन राम के नाम पर रखा जाए। हरपाल सिंह साथी ने कहा के बाबू जगजीवन राम को देवभूमि से बड़ा लगाव था और वह अनेकों बार देवभूमि में आकर कई दिन तक रुका करते थे। हरिद्वार और अन्य पौराणिक स्थलों पर सर्वधर्म सम्भाव के लिए प्रार्थना भी किया करते थे। उन्होंने कहा आज यदि हम बाबू जगजीवन राम की आदर्शों और उनके पद चिन्हों पर चले तो देश से नफरत, संप्रदायिकता तथा गरीबी का खात्मा संभव है। उन्होंने कहा बाबू जगजीवन राम को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम उनके बताये हुए कार्यों को जन-जन तक पहुंचाएं और दलितों की उन्नति व प्रगति के लिए आगे आऐं। कार्यक्रम का संचालन करते हुए रविदास सेना के अध्यक्ष सोमपाल सिंह ने बाबू जगजीवन राम को देश का महान नेता बताया तथा उनके राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर रविदास महासभा के अध्यक्ष भारत कुमार एडवोकेट, अजीत जाटव,सत्यपाल सिंह, हरिदास,मास्टर नरेंद्र कुमार, अजय श्रीवास्तव, नरेंद्र कुमार चंद्रपाल अतर सिंह रोशन लाल संजय कुमार चंद्रभान स्नेही मुकेश नौटियाल तथा विनीत आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। अध्यक्षता मास्टर रामस्वरूप ने की।

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