हरिद्वार की गूंज (24*7)
(गगन शर्मा) हरिद्वार। भारतीय जागरूकता समिति द्वारा बीएम्एल मुंजाल पब्लिक स्कूल रोशनाबाद हरिद्वार में विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमे छात्रों को नए वाहन एक्ट संसोधित नियमो के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम की शुरुआत हाई कोर्ट के अधिवक्ता ललित मिगलानी ने किया और बच्चो को बाल अपराध के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बच्चो को बताया की समय रहते अगर जानकारी हो जाये तो समाज में अपराध का अनुपात कम हो सकता है। शिविर मे स्कूल के कक्षा 9 से 12 के छात्र छात्रों में भाग लिया। शिविर मे ललित मिगलानी ने छात्र -छात्रों के साथ कई कानून पहलूओं की जानकारिया साझा की उन्होंने बच्चो को बताया कि बाल अपराध बाल विवाह आदि कानून की नजर में अपराध है। कोई भी बच्चा बाल अवस्था में अपराध करता है तो उसका मुकदमा किशोर न्यायालय में चलता है। अपराधी मानने पर बच्चे को बाल सुधार गृह में भेजा जाता है। उन्होंने आगे बताया अगर कोई बच्चा लावारिस हाताल में पाया जाता है जिसके पास न तो रहने के लिए घर है और न खाने के लिए खाना तो उसकी खबर निकट के पुलिस थाने में करनी चाहिए, पुलिस तुरंत उस बच्चे की मदद करने के लिए उसको बाल संरक्षण कमेटी के समक्ष उपस्थित करेगी फिर उस बच्चे के आवश्यकता के अनुसार उसको मदद उपलब्ध कराई जाएगी। अगर कोई बच्चा बाल मजदूरी करता हुआ पाया जाता है तो उसकी शिकायत 1098 पर की जा सकती है। अगर कोई बच्चा या व्यक्ति अपने स्कूल के आस पास नशे का व्यापार करता हुआ या उसका इस्तेमाल करता दिखता है तो उसकी शिकायत तुरन्त 9412029536  8864882100 पर कर अपनी एवं पुलिस की मदद कर सकते है। शिकायत होने पर आपकी पहचान गुप्त रखी जाती है और शिकायत पर तुरंत कार्यवाही होती हैं। एआरटीओ हरिद्वार सुरेन्द्र कुमार, सीपीयू प्रभारी दिनेश पवार, ट्राफिक एस०आई अरविंद राणा ने छात्राओ को ट्रैफिक मोटर वेहिकल एक्ट 1988 का संशोधन बिल 2019 के बारे में विस्तार पूर्वक बताया, साथ ही बताया की यह बिल 1 सितम्बर 2019 से लागु हो चुका है जिसके तहत 18 वर्ष के कम उम्र के बच्चो द्वारा वाहन चलाने पर 25000/- जुर्माना और वाहन स्वामी को तीन माह की सजा होगी। साथ ही एक बार नाबालिग उम्र में दोषी होने पर उस बच्चे का लाइसेंस 25 वर्ष के बाद ही बन पायेगा। उन्होंने बच्चो को यातायात के नियमो की जानकारी दी, सीपीयू प्रभारी ने बताया कि मूल दस्तावेज दिखाने के लिए समय दिया जाता है। डिजिटल लाकर द्वारा सॉफ्ट कॉपी के रूप मे भी दस्तावेज दीखाये जा सकते है। डी०एल, आर०सी, या अन्य दस्तावेज़ की हार्ड कॉपी साथ रखने के साथ उनको डिजिटल लाकर में रख सकते है। इस अवसर पर एआरटीओ हरिद्वार सुरेन्द्र कुमार,
सीपीयू प्रभारी दिनेश पवार, ट्रेफिक यातायात एस० आई० अरविंद राणा उपस्थित रहे।
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