हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मौहम्मद आरिफ) हरिद्वार। पीडब्लूडी विभाग के भ्रष्टाचार की पोल उस समय खुल गई जब राज्य योजना के तहत करा जा रहा नाले का निर्माण हल्की बारिश में ही जा गिरा। प्राप्त जानकारी के अनुसार बहादराबाद ब्लॉक क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम घीस्सुपुरा टिहरी स्थापित में पीडब्लूडी विभाग द्वारा नाले का निर्माण कराया जा रहा है। शुक्रवार की शाम हुई बारिश से कई जगह से नाली निर्माण की दीवार गिर गई है। इससे पहले भी हल्की बारिश होने से नाले की दीवार गिर गई थी। जिसका दोबारा निर्माण कराया गया था। और एक बार फिर हल्की बारिश ने नाला निर्माण में लगी घटिया सामग्री की पोल खोल दी है।ग्रामवासी मोहम्मद सलीम, सामाजिक कार्यकर्ता पाल सिंह चौहान, प्रधान जहीर हसन, मास्टर मुरसलीन, धीरसिंह चौहान आदि ने बताया कि नाले निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। हल्की बारिश से नाले गिरने की शिकायत विभागीय जेई से की गई। जेई ने मौके पर पहुंचकर नाले की जांच की है। लेकिन जेई ने ठेकेदार पर कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं की। आपको बता दे कि पीडब्ल्यूडी विभाग में भ्रष्टाचारी का खेल बड़े पैमाने पर खेला जाता है। विभागीय अधिकारियों तथा ठेकेदार की मिलीभगत से भ्रष्टाचार के खेल को अंजाम दिया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को भ्रष्ट मुक्त तथा विकासशील देश बनाने के लिए रात दिन उपदेश दे रहे हैं। लेकिन उनकी ही सरकारी मशीनरी भ्रष्टाचारी को पंख लगा रही है। विभागीय अधिकारियों के बड़े पैमाने पर घूसखोरी के चलते ठेकेदार टेंडर कार्यों में घटिया सामग्री लगाते हैं। ठेकेदार भी अच्छे मुनाफे के लिए बेहद घटिया सामग्री का इस्तेमाल कार्य में करता हैं। नतीजन निर्माण कार्य 6 महीने के अंतराल से भी पहले टूट जाता है। इस गोरखधंधे का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ता है। जनता अपनी मेहनत की कमाई से टैक्स निकालकर सरकार को देती है। जिसका मजा सरकारी विभागों में बैठे भ्रष्ट अधिकारी लेते हैं।
(मौहम्मद आरिफ) हरिद्वार। पीडब्लूडी विभाग के भ्रष्टाचार की पोल उस समय खुल गई जब राज्य योजना के तहत करा जा रहा नाले का निर्माण हल्की बारिश में ही जा गिरा। प्राप्त जानकारी के अनुसार बहादराबाद ब्लॉक क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम घीस्सुपुरा टिहरी स्थापित में पीडब्लूडी विभाग द्वारा नाले का निर्माण कराया जा रहा है। शुक्रवार की शाम हुई बारिश से कई जगह से नाली निर्माण की दीवार गिर गई है। इससे पहले भी हल्की बारिश होने से नाले की दीवार गिर गई थी। जिसका दोबारा निर्माण कराया गया था। और एक बार फिर हल्की बारिश ने नाला निर्माण में लगी घटिया सामग्री की पोल खोल दी है।ग्रामवासी मोहम्मद सलीम, सामाजिक कार्यकर्ता पाल सिंह चौहान, प्रधान जहीर हसन, मास्टर मुरसलीन, धीरसिंह चौहान आदि ने बताया कि नाले निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। हल्की बारिश से नाले गिरने की शिकायत विभागीय जेई से की गई। जेई ने मौके पर पहुंचकर नाले की जांच की है। लेकिन जेई ने ठेकेदार पर कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं की। आपको बता दे कि पीडब्ल्यूडी विभाग में भ्रष्टाचारी का खेल बड़े पैमाने पर खेला जाता है। विभागीय अधिकारियों तथा ठेकेदार की मिलीभगत से भ्रष्टाचार के खेल को अंजाम दिया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को भ्रष्ट मुक्त तथा विकासशील देश बनाने के लिए रात दिन उपदेश दे रहे हैं। लेकिन उनकी ही सरकारी मशीनरी भ्रष्टाचारी को पंख लगा रही है। विभागीय अधिकारियों के बड़े पैमाने पर घूसखोरी के चलते ठेकेदार टेंडर कार्यों में घटिया सामग्री लगाते हैं। ठेकेदार भी अच्छे मुनाफे के लिए बेहद घटिया सामग्री का इस्तेमाल कार्य में करता हैं। नतीजन निर्माण कार्य 6 महीने के अंतराल से भी पहले टूट जाता है। इस गोरखधंधे का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ता है। जनता अपनी मेहनत की कमाई से टैक्स निकालकर सरकार को देती है। जिसका मजा सरकारी विभागों में बैठे भ्रष्ट अधिकारी लेते हैं।



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