हरिद्वार की गूंज
(अब्दुल सत्तार वरिष्ठ सम्पादक) हरिद्वार। माननीय उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय द्वारा समाज की सुरक्षा के लिहाज से कुछ दिशानिर्देश शासन प्रशासन को दिये जाते है, जिनका पालन कराना शासन प्रशासन की जिम्मेदारी होती है, खासकर पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी होती है, लेकिन पुलिस द्वारा माननीय न्यायालय के उन दिशानिर्देशो का पालन कराने का प्रयास करती है, जिसमे पुलिस विभाग का फायदा हो, जैसे मान लीजिए माननीय न्यायालय द्वारा पिछले दिनो दुपहिया वाहनो पर पीछे बैठने वाले लोगो पर भी हेलमेट लागू करने के निर्देश दिया जिसको अमल मे लाने के लिए हरिद्वार की सिविल पुलिस सी पी यू पुलिस ट्रेफिक पुलिस सब जी जान से समाजहित मे विभाग की जेब भरते नजर आते है, माननीय न्यायालय के तो समाज के लिए ओर भी दिशानिर्देश है, उनका पालन पुलिस क्यो कराती नजर नही आती है, अब जैसे मान लीजिए माननीय उच्चतम न्यायालय की साफ साफ गाईड लाईन है, यदि किसी परिवार की बहु ने अपने ससुराल के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया तो पुलिस को उस मुकदमे मे लडके के माता पिता और लडके की वो बहने जिनकी शादी हो गयी हो, जाँच करके मुकदमे मे पंजीकृत नही करनी है, लेकिन पुलिस अक्सर कर माननीय न्यायालय के इस दिशानिर्देश का पालन नही करती है, और केवल लडकी के कहने पर ससूराल वालो को गिरफ्तार करने की कार्यवाही कर देती है, आखिर पुलिस माननीय न्यायालय की बात को क्यो नही मानती उसका भी कारण है वो क्या कारण है, दूसरे पक्ष को कहते है, कि माननीय न्यायालय की गाईड लाईन मे दहेज के मामले मे सास ससुर और शादीशुदा नन्दे नही रह सकती है, जब माननीय न्यायालय को आधार बनाकर पुलिस नाम निकाल देती है, तो आप स्वयं अन्दाजा लगा सकते है, कि पुलिस के विवेचना अधिकारी केवल पैसा लेने के लिए ससुराल पक्ष के ज्यादा से ज्यादा लोगो के नाम मुकदमे मे पंजीकृत करके पैसा वसूलने का काम पुलिस करती है, यदि ससुराल के सभी लोग अपराधी थे, तो पुलिस विवेचना से अपराधियों को क्यो निकालती है, उसका एक ही कारण है, पैसा माननीय न्यायालय के दिशानिर्देश का पालन ट्रेफिक प्लान मे कर रही है, तो दूसरे समाजहित मे और भी माननीय न्यायालय के दिशा निर्देश है, उनका पालन शासन प्रशासन क्यो नही करा पा रहा है, जैसे आमजन के लिए रास्तो को साफ रखना 60 फुट का रास्ता रखना पुलिस कौन सी कार्यवाही इस सम्बंध मे कर रही है, ये भी तो माननीय न्यायालय का ही दिशा निर्देश है, लेकिन इस कार्य मे पुलिस की आमदनी नही होगी इसलिए पुलिस क्यो करेगी।
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