हरिद्वार की गूंज
(गगन शर्मा) हरिद्वार। हरिद्वार के लक्सर रोड पर कनखल से जगजीतपुर, मिस्सरपुर, कटारपुर आदि गांवों में कहीं तो सड़क के निकट घास की दुकान वालो ने सड़क की सफेद पट्टी से लगाकर घास के चट्टे लगा रखे है तो कही सड़क के किनारे पाइप डालने वाले साल में समय समय पर रास्ते तो खोद देते है मगर उसे भलीभांति से पत्थर डाल कर भरते नही है। जिसके कारण कई बार किसी वाहन को बचाने के चक्कर मे जब बड़े वाहन को सफेद पट्टी से नीचे उतारना पड़ता है तो उसके पहिये कच्ची मिट्टी में धसने के कारण उसका बड़ा नुकसान हो जाता है। पिछले 5-6 दिन से लक्सर रोड पर देखा जा रहा है कि रोड चौड़ी होने के कार्य के दौरान सड़क किनारे जो पेड़ काटे जा रहे है उन्हें सफेद पट्टी से उचित दूरी में से कम 4 फुट डालने की अपेक्षा सफेद पट्टी से लगा कर ही छोड़ रहे है। जिससे कि दुर्घटना होने के प्रबल कारण बन रहे है।
क्या हरिद्वार प्रसाशन किसी दुर्घटना की प्रतीक्षा में है। या सड़क पर पेड़ कटवाने वाले जिम्मेदार अधिकारी अयोग्य और लापरवाह लोग है? या उन्हे अपने ऊपर होने वाली किसी सख़्त कार्यवाही का कोई ख़ौफ़ नही है। हरिद्वार प्रशासन को चाहिए कि वो लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही करें। ताकि सड़को पर दुर्घटना होने के कारणों को कम किया जा सके।
(गगन शर्मा) हरिद्वार। हरिद्वार के लक्सर रोड पर कनखल से जगजीतपुर, मिस्सरपुर, कटारपुर आदि गांवों में कहीं तो सड़क के निकट घास की दुकान वालो ने सड़क की सफेद पट्टी से लगाकर घास के चट्टे लगा रखे है तो कही सड़क के किनारे पाइप डालने वाले साल में समय समय पर रास्ते तो खोद देते है मगर उसे भलीभांति से पत्थर डाल कर भरते नही है। जिसके कारण कई बार किसी वाहन को बचाने के चक्कर मे जब बड़े वाहन को सफेद पट्टी से नीचे उतारना पड़ता है तो उसके पहिये कच्ची मिट्टी में धसने के कारण उसका बड़ा नुकसान हो जाता है। पिछले 5-6 दिन से लक्सर रोड पर देखा जा रहा है कि रोड चौड़ी होने के कार्य के दौरान सड़क किनारे जो पेड़ काटे जा रहे है उन्हें सफेद पट्टी से उचित दूरी में से कम 4 फुट डालने की अपेक्षा सफेद पट्टी से लगा कर ही छोड़ रहे है। जिससे कि दुर्घटना होने के प्रबल कारण बन रहे है।
क्या हरिद्वार प्रसाशन किसी दुर्घटना की प्रतीक्षा में है। या सड़क पर पेड़ कटवाने वाले जिम्मेदार अधिकारी अयोग्य और लापरवाह लोग है? या उन्हे अपने ऊपर होने वाली किसी सख़्त कार्यवाही का कोई ख़ौफ़ नही है। हरिद्वार प्रशासन को चाहिए कि वो लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही करें। ताकि सड़को पर दुर्घटना होने के कारणों को कम किया जा सके।



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