हरिद्वार की गूंज
(रजत चौहान प्रधान सम्पादक) हरिद्वार। देश मे प्रिंट मीडिया हो या इलैक्ट्रोनिक मीडिया हो मीडिया को संविधान का चौथे स्तम्भ कहा जाता है, या यू कहे माना जाता है, किसी समाचार पत्र का पत्रकार हो या चैनल का रिपोर्टर, एंकर सच्चाई से समाज को रूबरू कराने के लिए अपनी जान की भी परवाह नही करता है, और समाज को सच्चाई पर पहुँचाता है, या पहुँचाने की कोशिश करता है, लेकिन कुछ लोग पैसा कमाने के लिए पत्रकारिता कर रहे है, और कुछ समाज की सेवा और सच्चाई से रूबरू कराने के लिए पत्रकारिता कर रहे है, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी जिनकी पत्रकारिता से देश को और समाज को फायदा पहुँच रहा है, ऐसे पत्रकारों को भी गलत तरीके से फसाया जाता है, उनके ऊपर मुकदमे किया जाते है, तथा कुछ पत्रकारों को तो मानहानि तक से गुजरना पडता है, ऐसे इसलिए कुछ लोगो के द्वारा किया जाता है, जिनके रास्तो मे ऐसे ईमानदार पत्रकार रोडा बनते है, उन ईमानदार पत्रकारो को मुकदमे मे घेर कर अपना उल्लू सीधा कर लेते है, वे लोग जिनको इन पत्रकारों के मैदान मे रहने से समस्या उत्पन्न होती है, तो समाज को भी ऐसे ईमानदार और सच्चाई की आवाज उठाने वाले और सच्चाई से रूबरू करने वाले बुराई को खत्म करने वाले जुल्म के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले पत्रकारों की मदद करने की आवश्यकता है, ऐसे पत्रकार सच्चाई से रूबरू समाज को समाज और देश के फायदे के लिए ही तो कराते है, फिर ऐसे ईमानदार लोगो को कुछ लोगो के कहने पर परेशान किया जाना मानसिक और आर्थिक पताडना दिया जाना सही नही है, अगर सभी लोग इस बात को सोच ले की कही बुरा काम हो रहा है, तो होने दो तो इससे तो समाज मे हाहाकार मच जायेगा, ऐसी सोच नही रखनी चाहिए, समाज को हर तरह की बुराई के खिलाफ आवाज उठाने की आवश्यकता है, और साथ ही अच्छे पत्रकारों और अच्छे लोगो के कंधे से कंधा मिलाकर समाज को बुराई से और बुरे कार्यो से मुक्त कराना चाहिए, तब जाकर ही समाज बुराई से मुक्त होगा तथा बुरे लोगो को सुधरने के लिए मजबूर होना पडेगा।
(रजत चौहान प्रधान सम्पादक) हरिद्वार। देश मे प्रिंट मीडिया हो या इलैक्ट्रोनिक मीडिया हो मीडिया को संविधान का चौथे स्तम्भ कहा जाता है, या यू कहे माना जाता है, किसी समाचार पत्र का पत्रकार हो या चैनल का रिपोर्टर, एंकर सच्चाई से समाज को रूबरू कराने के लिए अपनी जान की भी परवाह नही करता है, और समाज को सच्चाई पर पहुँचाता है, या पहुँचाने की कोशिश करता है, लेकिन कुछ लोग पैसा कमाने के लिए पत्रकारिता कर रहे है, और कुछ समाज की सेवा और सच्चाई से रूबरू कराने के लिए पत्रकारिता कर रहे है, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी जिनकी पत्रकारिता से देश को और समाज को फायदा पहुँच रहा है, ऐसे पत्रकारों को भी गलत तरीके से फसाया जाता है, उनके ऊपर मुकदमे किया जाते है, तथा कुछ पत्रकारों को तो मानहानि तक से गुजरना पडता है, ऐसे इसलिए कुछ लोगो के द्वारा किया जाता है, जिनके रास्तो मे ऐसे ईमानदार पत्रकार रोडा बनते है, उन ईमानदार पत्रकारो को मुकदमे मे घेर कर अपना उल्लू सीधा कर लेते है, वे लोग जिनको इन पत्रकारों के मैदान मे रहने से समस्या उत्पन्न होती है, तो समाज को भी ऐसे ईमानदार और सच्चाई की आवाज उठाने वाले और सच्चाई से रूबरू करने वाले बुराई को खत्म करने वाले जुल्म के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले पत्रकारों की मदद करने की आवश्यकता है, ऐसे पत्रकार सच्चाई से रूबरू समाज को समाज और देश के फायदे के लिए ही तो कराते है, फिर ऐसे ईमानदार लोगो को कुछ लोगो के कहने पर परेशान किया जाना मानसिक और आर्थिक पताडना दिया जाना सही नही है, अगर सभी लोग इस बात को सोच ले की कही बुरा काम हो रहा है, तो होने दो तो इससे तो समाज मे हाहाकार मच जायेगा, ऐसी सोच नही रखनी चाहिए, समाज को हर तरह की बुराई के खिलाफ आवाज उठाने की आवश्यकता है, और साथ ही अच्छे पत्रकारों और अच्छे लोगो के कंधे से कंधा मिलाकर समाज को बुराई से और बुरे कार्यो से मुक्त कराना चाहिए, तब जाकर ही समाज बुराई से मुक्त होगा तथा बुरे लोगो को सुधरने के लिए मजबूर होना पडेगा।



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